आम तौर पर ऐसा माना जाता है कि भारतीय अनाज काफी ताकतवर होता है। इसमें सभी प्रकार को प्रोटीन, कार्बोहाइट्रेट्स,आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन, जिंक जैसे पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है, जो स्वस्थ शरीर के लिए पर्याप्त मात्रा में चाहिए होते हैं। लेकिन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) ने 2017 में एक शोध करके दावा किया है कि अब हमारी थाली में वो ताकत नहीं रह गई है जो आज से 30 साल पहले हुआ करती थी। उन्होंने इसका कारण हमारी मिट्टी में ही पोषक तत्वों की कमी को बताया है, जिसके चलते हमारी सब्जियों, दाल, सब्जी और फल में भी कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन में कमी आई है।
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घरेलू भोजन को ही ज्यादा पोषक बताने वालों के लिए यह शोध काफी चौंकाने वाला साबित हुआ है। इंस्टीट्यूट ने अपने शोध में 528-530 खाद्य पदार्थों में मौजूद 150-152 पोषक तत्वों की जांच की। इसके लिए 5-6 अलग-अलग जगहों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए, ताकि अलग-अलग जगहों की मिट्टी में उगे खाद्य सामाग्री की जांच की जा सके। इस दौरान सामने आया कि हमारे अनाज, फल-सब्जी, दालों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों में कमी आई है। शोधकर्ताओं ने इस दौरान सामने आए आंकड़ों की तुलना आज से 30 साल पहले के शोध के आंकड़ों से की तो काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पता चला कि आज हमारे द्वारा खाया जा रहा अनाज 30 साल पहले की तुलना में काफी कम ताकतवर रह गया है। सामने आया कि पूर्व की तुलना में आज के खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व काफी घट गए हैं। शोध में खुलासा हुआ कि आज हम जो मसूर की दाल खा रहे हैं उसमें पहले की तुलना में 10 फीसदी तक पोषक तत्व कम हो गए हैं। वहीं मूंग की दाल में approx. 6.12 फीसदी आयरन की कमी आई है।
इसी क्रम में इन दिनों खाए जाने वाले सेब भी बस कहने के लिए ही आयरन से भरपूर बताए जा रहे हैं, जबकि पिछले 30 सालों की तुलना में इन सेबों में 60 फीसदी तक आयरन घट गया है, जो कि एक चिंता का विषय है। अगर बात टमाटर की करें तो अब टमाटरों में भी पहली जैसी बात नहीं रही। खुलासा हुआ है कि इन दिनों मिल रहे टमाटरों में 66 से 73 फीसदी तक विटामिन बी, आयरन और जिंक की मात्रा कम हो गई है।
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| Soil |
शोध में सामने आया कि हमारी मिट्टी में ही पोषक तत्वों की आने के चलते हमारे अनाज, फल-सब्जियों में पोषक तत्वों की कमी आई है। सामने आया कि हमारी मिट्टी में भी कॉपर 5.4 फीसदी, बोरान 18.3 फीसदी, आयरन 12.1 फीसदी, जिंक 43 फीसदी और मैग्नीशियम 5.6 फीसदी कम हुआ है।
reference from 19072017---https://www.angwaal.com/lifestyle/
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